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Vedic Astrology • धनतेरस 2026: पूजा मुहूर्त, सामग्री, मंत्र और संपूर्ण पूजा विधि

Published on 27 Oct 2026 • 1 Min Read

धनतेरस 2026: पूजा मुहूर्त, सामग्री, मंत्र और संपूर्ण पूजा विधि
Astrologer J Mishra
Astrologer J Mishra
Founder • IndianAstroVedic

धनतेरस 2026 कब है?

धनतेरस, जिसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है, दीपावली पर्व की शुरुआत का महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। परंपरा के अनुसार, लोग अपने सामर्थ्य और आवश्यकता के अनुसार सोना, चाँदी, मिट्टी या ताँबे के बर्तन तथा अन्य शुभ वस्तुएँ खरीदते हैं।

धनतेरस 2026 पूजा मुहूर्त

पूजा की तैयारी पहले से कर लेने से निर्धारित समय में पूजा व्यवस्थित ढंग से की जा सकती है। नीचे दिए गए मुहूर्त आपके द्वारा उपलब्ध कराए गए समय के अनुसार रखे गए हैं।

विवरण तिथि और समय
धनतेरसशुक्रवार, 6 नवंबर 2026
धनतेरस पूजा मुहूर्तशाम 06:30 बजे से रात 08:28 बजे तक
मुहूर्त की अवधि1 घंटा 58 मिनट
प्रदोष कालशाम 05:59 बजे से रात 08:33 बजे तक
वृषभ कालशाम 06:30 बजे से रात 08:28 बजे तक
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ6 नवंबर 2026, सुबह 10:30 बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त7 नवंबर 2026, सुबह 10:47 बजे

धनतेरस पूजा का महत्व

धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा स्वास्थ्य और आरोग्य की मंगलकामना से, माता लक्ष्मी की पूजा समृद्धि के लिए और भगवान कुबेर की पूजा धन-संपदा के सदुपयोग की भावना से की जाती है। इस दिन स्वच्छता, दीपदान, दान और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करने की परंपरा है।

धनतेरस पूजा सामग्री

  • भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान कुबेर की तस्वीर या प्रतिमा
  • पूजा की चौकी और स्वच्छ लाल या पीला वस्त्र
  • रोली, कुमकुम, हल्दी, अक्षत और चंदन
  • फूल, माला और तुलसी या अन्य पूजनीय पत्र, जहाँ परंपरा के अनुसार उपयुक्त हों
  • जल से भरा कलश, स्वच्छ जल और पंचामृत की सामग्री
  • घी या तेल के दीपक, रुई की बत्तियाँ और धूप
  • फल, मिठाई, नैवेद्य और पान-सुपारी
  • दक्षिणा और आरती की थाली
  • यम दीपदान के लिए अलग दीपक
  • खरीदारी के लिए सोना, चाँदी, मिट्टी या ताँबे के बर्तन — अपनी आवश्यकता और बजट के अनुसार

धनतेरस पर क्या खरीदें?

धनतेरस पर खरीदारी करते समय अपनी आवश्यकता, बजट और पारिवारिक परंपरा को प्राथमिकता दें। इस अवसर पर सोना, चाँदी, मिट्टी या ताँबे के बर्तन खरीदे जा सकते हैं। घर की उपयोगी वस्तुएँ या पूजा की सामग्री भी अपनी सुविधा के अनुसार ली जा सकती हैं। खरीदारी को लेकर अनावश्यक आर्थिक दबाव न लें; श्रद्धा और विवेक अधिक महत्वपूर्ण हैं।

धनतेरस पूजा की तैयारी

  1. घर और पूजा स्थल की सफाई करें।
  2. पूजा की चौकी पर स्वच्छ वस्त्र बिछाकर भगवान गणेश, भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।
  3. पूजा सामग्री व्यवस्थित रखें और दीपक तैयार करें।
  4. पूजा के समय शांत मन से बैठकर अपने परिवार के स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।

धनतेरस पूजा की संपूर्ण विधि

1. संकल्प और शुद्धि

हाथ में थोड़ा जल लेकर भगवान का स्मरण करें और परिवार के कल्याण, स्वास्थ्य तथा सद्बुद्धि के लिए पूजा का संकल्प लें। इसके बाद पूजा स्थल पर जल छिड़ककर पूजा आरंभ करें।

2. भगवान गणेश की पूजा

सबसे पहले भगवान गणेश को प्रणाम करें। उन्हें अक्षत, पुष्प, कुमकुम और नैवेद्य अर्पित करें।

मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः॥

3. भगवान धन्वंतरि की पूजा

भगवान धन्वंतरि का स्मरण स्वास्थ्य, आरोग्य और कल्याण की भावना से करें। उन्हें पुष्प, अक्षत, जल और नैवेद्य अर्पित करें।

मंत्र: ॐ धन्वंतरये नमः॥

4. माता लक्ष्मी की पूजा

माता लक्ष्मी को पुष्प, कुमकुम, अक्षत, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। परिवार में सद्भाव, परिश्रम, विवेक और समृद्धि की प्रार्थना करें।

मंत्र: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥

5. भगवान कुबेर की पूजा

भगवान कुबेर का स्मरण करते हुए धन के सदुपयोग, ईमानदार आजीविका और आर्थिक स्थिरता की कामना करें।

मंत्र: ॐ कुबेराय नमः॥

6. खरीदी गई वस्तु का पूजन

यदि आपने धनतेरस पर कोई नई वस्तु खरीदी है, तो उसे स्वच्छ स्थान पर रखकर कुमकुम या अक्षत अर्पित करें और शुभ उपयोग की प्रार्थना करें। सोना, चाँदी, मिट्टी या ताँबे के बर्तनों में से जो वस्तु खरीदी हो, उसका पूजन अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार करें।

7. धूप, दीप और नैवेद्य

देवताओं के सामने धूप और दीप अर्पित करें। फल, मिठाई या घर में बना सात्त्विक नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद श्रद्धापूर्वक आरती करें।

8. यम दीपदान

धनतेरस की संध्या पर यम दीपदान की परंपरा भी प्रचलित है। सुरक्षित स्थान पर दीपक जलाकर परिवार के कल्याण और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति की प्रार्थना की जाती है। दीपक को ऐसी जगह रखें जहाँ आग लगने या किसी के गिरने का खतरा न हो।

9. आरती और प्रसाद

पूजा के अंत में आरती करें, क्षमा प्रार्थना करें और प्रसाद परिवार के सदस्यों में बाँटें। घर में दीपक जलाते समय सुरक्षा का ध्यान रखें।

धनतेरस पर ध्यान रखने योग्य बातें

  • पूजा और खरीदारी अपनी श्रद्धा, आवश्यकता और बजट के अनुसार करें।
  • घर तथा पूजा स्थल को स्वच्छ रखें।
  • दीपक और अग्नि को पर्दों, कागज तथा ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें।
  • धन का उपयोग जिम्मेदारी से करने और जरूरतमंदों की सहायता करने का संकल्प लें।

धनतेरस 2026 से जुड़े सामान्य प्रश्न

धनतेरस 2026 किस दिन है?

धनतेरस 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर को है।

धनतेरस पूजा का समय क्या है?

आपके दिए गए मुहूर्त के अनुसार पूजा का समय शाम 6:30 बजे से रात 8:28 बजे तक है।

धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?

परंपरा के अनुसार लोग सोना, चाँदी, मिट्टी या ताँबे के बर्तन खरीदते हैं। अपनी आवश्यकता और बजट को ध्यान में रखकर खरीदारी करें।

धनतेरस पर किन देवताओं की पूजा की जाती है?

इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान कुबेर की पूजा करने की परंपरा है।

निष्कर्ष

धनतेरस स्वास्थ्य, समृद्धि, स्वच्छता और शुभ संकल्पों का पर्व है। श्रद्धापूर्वक पूजा करें, अपने सामर्थ्य के अनुसार खरीदारी करें और परिवार के सुख-स्वास्थ्य तथा धन के सदुपयोग की कामना करें।

IndianAstroVedic की ओर से आपको धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएँ।




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Astrologer J Mishra provides guidance through Vedic Astrology and related traditional astrology consultations, with a practical approach to helping people understand important areas of life.